UP three new laws: उत्तरप्रदेश में एक जुलाई से लागु होंगे तीन नए कानून,महिलाओं और बच्चो का रखा जाएगा विशेष ध्यान,D.G.P द्वारा दी गई जानकारी

0
90
तीन नए आपराधिक कानून आज से लागू, जानें- न्याय व्यवस्था और नागरिकों पर होगा क्या असर https://www.aajtak.in/india/news/story/three-criminal-laws-changes-in-bhartiaya-nagrik-suraksha-sanhita-bnss-crpc-bns-what-will-be-the-impact-on-the-justice-system-and-citizens-ntc-1975811-2024-06-30

UP three new laws emplemented: उत्तरप्रदेश में एक जुलाई से लागु होंगे तीन नए कानून,महिलाओं और बच्चो का रखा जाएगा विशेष ध्यान,D.G.P द्वारा दी गई जानकारी

D.G.P प्रशांत कुमार के द्वारा दी गई जानकारी अनुशार एक जुलाई से तीन नए कानून उत्तर प्रदेश में लागु किए जाएँगे !इसके साथ ही नए कानूनों में जाँच करता हर कदम के लिए उत्तरदाई होगा!

भारतीय न्याय सहिंता (BNS 2023),भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता(BNSS 2023)और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA 2023) किसी भी पीड़ित को न्याय दिलाने पर केन्द्रित हैं !

three new laws emplemented,

बताया जा रहा है की तीन नए कानून के साथ महिलाओं और बच्चो के साथ बाद रहे अपराधो और पेपर लीक करने वाले लोगो के खिलाफ सख्त सजा का प्रवधान रखा गया है! इसके साथ एक जुलाई से लागू होनी वाले तीन काननों के साथ ब्रिटिश राज के ओपनिवेशिक कानूनों का भी अंत होजेगा!

फ़िलहाल तो 30 जून तक पुराने कानून के आधार पर ही न्याय और मुक़दमे दर्ज किए जाएँगे!

तीन नए आपराधिक कानून आज से लागू, जानें- न्याय व्यवस्था और नागरिकों पर होगा क्या असर

महिलाओं और बच्चो के लिए लागु होने वाले है तीन नए कानून,

हम सब जानते हैं बीते कुछ समय से महिलाओं और बच्चो के साथ होने वाले अपराध तेजी से बढ़ गए है और हर रोज हजारो मुक़दमे दर्ज किए जाते है! इसमें से कुछ बच्चो तथा महिला पीडिता के होते हैं!

इसी को ध्यान में रख कर यह कानून बने गया और DGP प्रशांत कुमार ने बताया की यह कानून लागू होने से तीन साल के अन्दर ही पीड़ित – पीड़िता को न्याय दिलाने और अधिक समय से लंबित पड़े मुकदमो की त्वरित निस्तारित करने पर भी जोर दिया जाएगा !

बच्चो की सुरक्षा,

  • बच्चों से अपराध करवाना या किसी भी अपराधिक कृत्य में सामिल करना दंडनीय अपराध माना जाएगा
  • इसके साथ ही बच्चो की खरीद -फरोख्त जघन्य अपरोध में सामिल हैं
  • ठाठ किसी पीडिता की अभिवक की उपस्थित में ही बयान दर्ज किया जाएगा
  • और नाबालिक से गैंगरेप की अपराधिक सजा आजीवन कारावास ठाठ म्रत्यु दंड !

महिला अपराध सख्ती अधिनियम,

  • महिला संघ गैंगरेप की 20 साल सजा ,आजीवन कारावास !
  • पीडिता के घर पर तथा महिला अधिकारी की उपस्थिथि में बयान दर्ज किया जाएगा
  • यौन सम्बन्ध के लिए महिला से झूठे वादे करना तथा पहचान छुपाना दंडनी अप्राद हैं !

UP तीन नए कानूनो में ये खास,

ADG प्रशिक्षण सुनील कुमार गुप्ता कहते हैं की आरोपी को छोटे अपराधो की छह:धाराओं के अनुशार दोषी को कुछ सीमित अवधि के लिए सामुदिक कार्य करने का दंड प्रवधान रखा गया हैं!

किसी भी थाने में अपराधी की कोई FIR नहीं होगी! इसके बाद किसी भी सम्बन्धित पोलिश स्येशन में स्थान्तरित कर दिया जाएगा !

बुजुर्ग और  दिव्यांग ,तीन साल से कम सजा के अपराधों में गिरिफ्तारी से पहले DSP या उससे ऊपर की रैंक वाले अधिकारिओं की अनुमति लेनी होगी!

सात वर्ष की अदिक सजा वाले अपराधो की फोरेसिंक या उससे ऊपर की रैंक वले अधिकारिओं की अनुमति अनिवार्य होगी! इसके साथ ही इलेक्ट्रानिक्स साक्ष्य भी मानी होंगे!

  • 90 दिन के अन्दर अन्दर शिकायत करता को जाँच रिपोर्ट देना अनिवार्य
  • किसी भी घटना स्थल की विडिओ ग्राफी डिजिटल लाकर में होगी सुरक्षित
  • तलाशी और जब्ती के दौरान घटना स्थल की विडिओ ग्राफी होना अनिवार्य
  • ग्रिफ्तार किये गए अपराधी की जानकारी सार्वजानिक करनी होगी
  • डिजिटल एवं तकनीकी रिकॉर्ड सारे दस्तावेजो में शामिल करना होगा
  • छोटे और कम गंभीर मामले समरी ट्रायल अनिवार्य होगा
  • विडिओ कांफ्रेंसिंग के जरिये न्यायलय में पेशी हो सकेंगे
  • 60 दिनों में आरोप सिद्ध तथा 45 दिन में निर्णय
  • एलोक्ट्रोनिक माध्यम से हुई शिकायत के तीन दिन बाद थाने जा कर  हस्ताक्षर करना अनिवार्य